जनसंचार माध्यम Class 11 Hindi Abhivyakti Aur Madhyam Question Answer

Class 11 and 12 Hindi Abhivyakti Aur Madhyam NCERT Book Chapter Jansanchar Madhyam / जनसंचार माध्यम Question Answer.

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Class 11 Hindi Abhivyakti Aur Madhayam Question Answer

प्रश्न 1 इस पाठ में विभिन्न लोक माध्यमों की चर्चा हुई है आप पता लगाइए कि वह कौन-कौन से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं ?  क्षेत्र में प्रचलित किसी लोकनाट्य लोक माध्यम के किसी प्रश्न के बारे में जानकारी हासिल कर उसकी प्रस्तुति के खास अंदाज के बारे में लिखें।

उत्तर – भारतीय संचार परंपरा में बहुत सारे लोक माध्यमों की चर्चा हुई है। वे अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अजंता की गुफाओं में बने चित्र इसी को प्रकट करते हैं। इसको बहुत सारे संचार माध्यमों से प्रस्तुत किया जाता है जैसे सांग, रागनी, तमाशा, नौटंकी आदि इसी के अलग-अलग रूप है।

हमारे क्षेत्र में रागनी का लोक माध्यम के रूप में विशेष रूप से प्रचलन है। जगह जगह पर रागनी का आयोजन किया जाता है। किसी भी खुले मैदान में आमतर पर इसका आयोजन होता है। रागनी गाने वाले से ही वहां पर आने वाली भीड़ का अंदाजा लगा दिया जाता है। उसी के अनुसार वहां पर बैठने की व्यवस्था भी होती है। एक ऊंचे सजाए हुए मंच पर रागनी गाने वाले को स्थान दिया जाता है। माहौल बनाने के लिए वहां पर अलग-अलग प्रकार के वाद्य यंत्रों का भी प्रयोग होता है। रागिनी में गाए जाने वाले स्वर के अंदाज लोगों को बहुत प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 2 आजादी के बाद भी हमारे देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। आप समाचार पत्रों को उनके प्रति किस हद तक संवेदनशील पाते हैं?

उत्तर – आजादी के बाद भी हमारे देश के सामने बहुत सारी चुनौतियां आती है जिनमें खासतौर पर बेरोजगारी, महंगाई, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या शामिल है। इसके अलावा भी समाज में बहुत सारी ऐसी समस्याएं हैं जो हर भारतीय को किसी न किसी तरीके से प्रभावित करती रहती हैं। समाचार पत्रों को हम इन सब क्रियाओं के दौरान काफी संवेदनशील पाते हैं। समाचार पत्रों में घटित होने वाली घटनाओं को लोगों के सामने रखा जाता है। उसके बारे में लोगों को समझाया जाता है और एक सुधारात्मक दृष्टिकोण भी प्रकट किया जाता है। समाचार पत्रों में इन समस्याओं से परेशान लोगों के बारे में छापा जाता है उनके चित्र प्रस्तुत किए जाते हैं उनकी समस्याएं व्यक्त की जाती हैं।

प्रश्न 3 टी० वी० के निजी चैनल अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाते हैं टी० वी० के कार्यक्रमों से उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर- टीवी के निजी चैनल बहुत अधिक धन बहुत जल्दी कमाना चाहते हैं इसीलिए वे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर पैसा कमाने की कोशिश करते हैं। उदाहरण के लिए टीवी चैनल पर बार-बार विज्ञापन दिखाना एक आम प्रक्रिया है जिससे टीवी चैनल पैसा कमाते हैं। जब कोई भी व्यक्ति बार-बार एक ही विज्ञापन को देखता है। तो उसे लगता है कि यह सामान अच्छा है। और वह खरीदने के लिए उत्सुक हो जाता है। जबकि सच्चाई कुछ और ही होती है। टीवी चैनल पर लोगों की पसंदीदा खबरें दिखाकर जिन्हें हम सही मायनों में खबर नहीं कह सकते। उदाहरण के लिए मनोरंजक फिल्मों की क्लिप्स दिखाना व उनके ऊपर जानबूझकर खबर बनाना।

प्रश्न 4 इंटरनेट पत्रकारिता ने दुनिया को किस प्रकार समेट लिया है, उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-  इंटरनेट पत्रकारिता आज दुनिया में बहुत तेजी से फैल रही है। अगर आप बात करें आज के समय में प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन, पुस्तके, सिनेमा, सब चीजें तो आपको एक मोबाइल पर ही मिल जाती हैं। सही मायने में इंटरनेट पर। आपका जब मन करे किसी भी देश की कोई भी खबर आप जान सकते हो। खबर कितनी भी पुरानी हो आपको इंटरनेट पर मिल ही जाती है। इसके अलावा यात्रा में बहुत सारी सुविधाएं आपको देखने को मिलती है जैसे ही रेलवे टिकट और हवाई जहाज की टिकट बुकिंग करना, कमरे की बुकिंग करना इत्यादि। यह सब हुआ है इंटरनेट की वजह से।

प्रश्न 5 किन्ही दो हिंदी पत्रिकाओं के समान अंको का ( समान अवधि के ) पढ़िए और उन में निम्न बिंदुओं के आधार पर तुलना कीजिए

  1. आवरण पृष्ठ
  2. अंदर के पृष्ठों की साज-सज्जा
  3. सूचनाओं का क्रम
  4. भाषा शैली

उत्तर-  मैंने ‘दैनिक भास्कर’ और ‘हिंदुस्तान’ की पत्रिकाओं को पढ़ा

  1. आवरण पृष्ठ- दोनों पत्रिकाएं ही आकर्षक हैं। दोनों के आवरण पृष्ठ पर पत्रिका के बारे में हल्की फुल्की जानकारी मिलती है और पत्रिकाओं की कीमत भी आवरण पृष्ठ पर ही है। दैनिक भास्कर की पत्रिका ₹40 और हिंदुस्तान की पत्रिका ₹35 की है।
  2. अंदर के पृष्ठों की साज-सज्जा- दैनिक भास्कर की पत्रिका हिंदुस्तान की पत्रिका से आकार में बड़ी है और ज्यादा पन्नों की है। जहां दैनिक भास्कर पत्रिका में 60 पृष्ठ है वहीं हिंदुस्तान पत्रिका में सिर्फ 25 पृष्ठ ही है।
  3. सूचनाओं का क्रम- दोनों पत्रिकाओं में सूचनाओं के क्रम विषयों के अनुसार हैं, लेकिन पाठकों की रुचि के हिसाब से उनको लिखा गया है। अधिक महत्वपूर्ण और मनोरंजक जानकारी शुरुआत में दी गई है।
  4. भाषा शैली- दोनों पत्रिकाओं की भाषा सरल और भावपूर्ण है। आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग देखने को मिलता है।

प्रश्न 6 निजी चैनल पर सरकारी नियंत्रण होना चाहिए अथवा नहीं? पक्ष विपक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर- ( पक्ष ) निजी चैनल पर सरकारी नियंत्रण होना चाहिए। इसके बहुत सारे कारण हैं। आज निजी टीवी चैनल वाले अधिक पैसा कमाने के चक्कर में विदेशी संस्कृति, नग्नता और अश्लीलता को टीवी पर अधिक दिखा रहे हैं। अगर इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहता है तो आने वाले समय में हमारी संस्कृति खत्म हो जाएगी और युवा पथभ्रष्ट हो जाएंगे। हर समाज और देश के अपने अपने जीवन मूल्य होते हैं। अपनी शिक्षाएं होती हैं। टीवी चैनल पर दिखाई जाने वाली बहुत सारी खबरें दूसरे देशों के बारे में होती है। इससे हमारी संस्कृति पर गहरा असर पड़ता है।

(विपक्ष)  निजी टीवी चैनल पर सरकारी नियंत्रण नहीं होना चाहिए इसके बहुत सारे कारण है। हर व्यक्ति को अपना अच्छा और बुरा भली-भांति पता होता है। अगर निजी टीवी चैनल सरकार के नियंत्रण में रहते हैं तो वह सरकार की सच्चाई को  टीवी पर नहीं दिखा सकते क्योंकि सरकार उन्हें ऐसा करने से रोक सकती है।  निजी टीवी चैनल पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रम सरकार के हिसाब से चलेंगे तो सरकार लोगों को गलत दिशा में भी भटका सकती है। बहुत सारी राजनीतिक पार्टियां अधिक वोट लेने के लिए धर्म के ऊपर विवाद कर देती हैं और अगर सरकार के नियंत्रण में टीवी चैनल रहते हैं तो यह बहुत जल्दी से फैल जाती है। इसीलिए टीवी चैनल पर सरकार का नियंत्रण नहीं होना चाहिए। आजादी में टीवी चैनल असल सच्चाई लोगों के सामने रख सकते हैं।

प्रश्न 7 नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। उनके सामने ✓ या × का निशान लगाते हुए उसकी पुष्टि के लिए उदाहरण भी दीजिए

  1. संचार माध्यम केवल मनोरंजन के साधन है।
  2. केवल तकनीकी विकास के कारण संचार संभव हुआ, इससे पहले प्रचार संभव नहीं था।
  3. समाचार पत्र और पत्रिकाएं इतने सशक्त संचार माध्यम है कि वे राष्ट्र का स्वरूप बदल सकते हैं।
  4. टेलीविजन सबसे प्रभावशाली एवं सशक्त संचार माध्यम है।
  5. इंटरनेट सभी संचार माध्यमों का मिलाजुला रूप या समागम है।
  6. कई बाहर संचार माध्यमों का नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है।

उत्तर-

  1. × संचार माध्यम केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं बल्कि वह व्यक्तियों को सूचनाएं और विचार का आदान-प्रदान भी करते हैं और उनके अनुभव साझा करते हैं।
  2. बकरी के विकास के कारण ही संचार संभव हुआ है पहले हम अपनी भावनाएं दो या चार लोगों के बीच में ही बांट सकते थे। लेकिन संचार माध्यम के विकास के बाद हम लाखों लोगों तक पहुंच सकते हैं।
  3. समाचार पत्र और पत्रिकाएं इतने सशक्त माध्यम है कि वे राष्ट्र का स्वरूप निर्माण कर सकते हैं। भारत आजादी के समय समाचार पत्र के माध्यम से ही नेताओं ने लोगों के अंदर जागरूकता फैलाई थी।
  4. टेलीविजन कि पहुंचे लगभग हर देशवासी तक है। टेलीविजन पर दिखाए जाने वाली खबरें, नाटक और फिल्में किसी भी संस्कृति को बदल सकती है और उसको बेहतर बना सकती है।
  5. इंटरनेट पर आपको सब चीजें मिल जाती हैं। इसमें प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन, पुस्तकें और सिनेमा शामिल है।
  6. संचार माध्यमों की मदद से कई बार समाज में हिंसा और असामाजिक व्यवहार को प्रोत्साहन मिलता है। जिससे लोगों के जीवन बहुत अधिक प्रभावित होते हैं।

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