सौरमंडल में पृथ्वी Class 6 भूगोल Chapter 1 Notes – NCERT Solution

Class 6 Geography ( भूगोल ) सौरमंडल में पृथ्वी Notes NCERT Solution in Hindi. NCERT Class 6 Bhugol Notes, Textual Question Answer and Important Question Answer in Hindi also Available for Various Board Students like HBSE, CBSE, UP board, Mp Board, RBSE and some other State Boards.

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NCERT Solution for Class 6 Geography in Hindi / भूगोल सौरमंडल में पृथ्वी / Saurmandal Mein Prithvi Notes.

सौरमंडल में पृथ्वी कक्षा 6 भूगोल Chapter 1 Notes


पूर्णिमा – जब हमें रात में पूर्ण चंद्रमा दिखाई देता है उसे पूर्णिमा कहते हैं।

अमावस्या – जब हमें रात में चंद्रमा दिखाई नहीं देता है उसे अमावस्या कहते हैं।

खगोलीय पिंड – सूर्य, चंद्रमा तथा वे सभी वस्तुएं जो रात के समय आसमान में चमकती हैं, खगोलीय पिंड कहलाती हैं। कुछ खगोलीय पिंड बड़े आकार वाले तथा गर्म होते हैं। यह गैसों से बने होते हैं। इनके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता है जिसे वे बहुत बड़ी मात्रा में उत्सर्जित करते हैं। इन खगोलीय पिंडों को तारा कहते हैं। सूर्य भी एक तारा है।

नक्षत्रमंडल – तारों के विभिन्न समूह द्वारा बनाई गई विभिन्न आकृतियों को नक्षत्रमंडल कहा जाता है। सप्तऋषि नक्षत्रमंडल सात तारों का समूह है।

ध्रुव तारा – प्राचीन समय में लोग रात्रि में दिशा का निर्धारण तारों की सहायता से करते थे। उत्तरी तारा उत्तर दिशा को बताता है इसे ही ध्रुव तारा भी कहते हैं।

ग्रह – कुछ खगोलीय पिंडों में अपना प्रकाश एवं उस्मान नहीं होती है। वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं। ऐसे पिंड ग्रह कहलाते हैं। ग्रह शब्द ग्रीक भाषा के प्लेनेटाइ शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है परिभ्रमण अर्थात चारों ओर घूमने वाले।

सौरमंडल – सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह तथा कुछ अन्य खगोलीय पिंड जैसे क्षुद्र ग्रह एवं उल्कापिंड मिलकर सौरमंडल का निर्माण करते हैं। उसे हम सौर परिवार के नाम से भी जानते हैं जिसका मुखिया सूर्य हैं।

सूर्य – सूर्य एक तारा है जो सौरमंडल के केंद्र में स्थित है। यह बहुत बड़ा है तथा अत्यधिक गर्म गैसों से बना हुआ है। इसका खिंचाव बल इससे सौरमंडल को बांधे रखता है। सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है।

ग्रह – हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह हैं। सूर्य से दूरी के अनुसार वे हैं:- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेपच्यून। सौर मंडल के सभी ग्रह एक निश्चित दीर्घवृत्ताकार पथ पर सूर्य का चक्कर लगाते हैं। जिसे कक्षा कहते हैं। शुक्र को पृथ्वी का जुड़वां ग्रह भी माना जाता है क्योंकि इसका आकार एवं आकृति लगभग पृथ्वी के ही समान है।

पृथ्वी – सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी तीसरा ग्रह है। आकार में यह पांचवां सबसे बड़ा ग्रह है। यह ध्रुव के पास थोड़ी चपटी है जिस कारण इसके आकार को भू-आभ कहा जाता है। पृथ्वीनाथ अधिक गर्म है और ना ही अधिक ठंडी। पृथ्वी पर रहने की अनुकूल परिस्थितियां है। इसी कारण पृथ्वी को सौरमंडल का सबसे अद्भुत ग्रह भी कहा जाता है। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीली दिखाई पड़ती है। इसी कारण इस को नीला ग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

चंद्रमा – चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का केवल एक चौथाई है। चंद्रमा की दूरी पृथ्वी से लगभग 3,84,400 किलोमीटर दूर है। चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है। चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर 27 दिन में पूरा करता है और लगभग इतने ही समय में अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा करता है जिसके कारण हम चंद्रमा का हमेशा केवल एक ही भाग देख पाते हैं।

क्षुद्र ग्रह – तारे, ग्रह एवं उपग्रहों के अतिरिक्त, असंख्य छोटे पिंड सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं इन पिंडो को क्षुद्र ग्रह कहते हैं यह मंगल एवं बृहस्पति की कक्षाओं के बीच में पाए जाते हैं।

उल्कापिंड – सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़ों को उल्कापिंड कहते हैं। कभी-कभी यह उल्कापिंड पृथ्वी के वातावरण में भी प्रवेश कर जाते हैं।

आकाशगंगा – लाखों तारों के समूह को आकाशगंगा कहा जाता है। हमारी आकाशगंगा का नाम ‘मिल्की वे’ है। बहुत सारी आकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती है।


 

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