अतीत में दबे पांव Class 12 Hindi Chapter 3 Important Question Answer – वितान भाग 2

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Atit mein dabe paon Class 12 Hindi Chapter 3 Important Question Answer

प्रश्न 1 मोहनजोदड़ो के अजायबघर में क्या-क्या रखा हुआ था ?

उत्तर – मोहनजोदड़ो के अजायबघर में काला पड़ गया गेहूं, तांबे और कांसे के बर्तन, मुहरे, मृद भांड, तांबे के आईने, दो पाटन की चक्की, मिट्टी की बैलगाड़ी, रंग-बिरंगे पत्थर के हार और सोने के कंगन रखे हुए हैं।

प्रश्न 2 मोहनजोदड़ो के अजायबघर का वर्णन कीजिए।

उत्तर – मोहनजोदड़ो के अजायब घर में ज्यादा चीजें हमें देखने को नहीं मिलती हैं। मोहनजोदड़ो का अजायबघर एक छोटी सी इमारत के रूप में हैं जिसके अंदर काला पड़ गया गेहूं, तांबे और कांसे के बर्तन, मुहरे, मृद भांड, तांबे के आईने, दो पाटन की चक्की, मिट्टी की बैलगाड़ी, रंग-बिरंगे पत्थर के हार और सोने के कंगन आदि रखे हुए हैं।

प्रश्न 3 मोहनजोदड़ो में जल निकासी की व्यवस्था किस प्रकार की गई थी ?

उत्तर – मोहनजोदड़ो में जल निकासी की व्यवस्था का एक बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है जिसमें सड़क के दोनों तरफ ढकी हुई नालियां बनाई गई थी। घरों के अंदर से गंदा पानी नालियों से बाहर होती तक आता था और उसके बाद बड़े नाले में जाता था। कहीं-कहीं पर नालियां बिना ढकी हुई थी।

प्रश्न 4 वर्तमान में सिंधु सभ्यता को किस रूप में देखा और महसूस किया जा सकता है ?

उत्तर – सिंधु घाटी सभ्यता अब तक की खोजी गई सबसे प्राचीन सभ्यता है। जिसके अंदर हमें घरों के निर्माण का एक बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है। इसकी टूटी हुई दीवारें, खंडहर बन चुके घर और रास्ते इसका सबूत है। जिन को देखा और महसूस किया जा सकता है।

प्रश्न 5 ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर बौद्ध स्तूप की संरचना का वर्णन कीजिए।
या
मोहनजोदड़ो के बौद्ध स्तूप का वर्णन कीजिए ।

उत्तर – मोहनजोदड़ो के सबसे बड़े और ऊंचे चबूतरे पर बौद्ध स्तूप का निर्माण किया गया था। इस बोध स्तूप के अंदर भिक्षु के कमरे हैं। इसकी संरचना मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यता के समय की मानी जाती है।

प्रश्न 6 रईसों की बस्ती का विश्लेषण कीजिए ।

उत्तर – रईसों की बस्ती में बड़े-बड़े घर, चौड़ी सड़कें और ज्यादा कुएं देखने को मिलते हैं। यह बस्ती बौद्ध स्तूप के ठीक सामने बनी हुई है। यहां पर गरीबों के कोई भी घर देखने को नहीं मिलते हैं।

प्रश्न 7 सिन्धु घाटी सभ्यता की फसलों पर प्रकाश डालिए।

उत्तर – सिंधु घाटी सभ्यता में कपास गेहूं, जौ, सरसों, चना, ज्वार, बाजरा, रागी, खजूर, खरबूजे और अंगूर की खेती की जाती थी। यह सब गधा खास तौर पर रबी की फसलें हुआ करती थी।

प्रश्न 8 मोहनजोदड़ो के नगर नियोजन का विवेचन कीजिए।

उत्तर – मोहनजोदड़ो शहर में नगर नियोजन का एक बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है। यहां की ज्यादातर सड़कें सीधी हैं या फिर आड़ी हैं। आधुनिक समय में इसे ग्रिड प्लान कहा जाता है। मोहनजोदड़ो शहर आधुनिक सेक्टर शहरों के नियोजन से मेल खाते हैं।

प्रश्न 9 वास्तुकला की दृष्टि से ‘महाकुंड’ का वर्णन कीजिए ।
या
महाकुंड की संरचना का वर्णन कीजिए ।

उत्तर – महाकुंड 40 फुट लंबा, 25 फुट चौड़ा और 7 फुट गहरा बना हुआ था। इसमें उत्तर और दक्षिण दिशा की ओर से सीढ़ियां उतरती हैं। उत्तर दिशा में 2 पंक्तियों में 8 स्नानागार हैं और इनमें से किसी का भी दरवाजा एक दूसरे के सामने नहीं खुलता। महाकुंड पक्की ईंटों का बना हुआ है और पानी निकालने की भी एक अच्छी व्यवस्था की गई है।

प्रश्न 10 मोहनजोदड़ो के अजायबघर में हथियारों के न होने से क्या संकेत मिलता है?

उत्तर – मोहनजोदड़ो की खुदाई के दौरान बहुत सारे अवशेष प्राप्त हुए परंतु उनमें एक भी हथियार नहीं मिला। इससे यह अंदाजा लगाया जाता है कि सिंधु घाटी सभ्यता का समाज अनुशासित और मजबूत था। उस समय का समाज धर्म या राजनीति के द्वारा नहीं चलता था।

प्रश्न 11 ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के कथ्य पर प्रकाश डालिए।

उत्तर – सिंधु घाटी की खुदाई के दौरान बहुत सारे शहरों का पता चला। इन शहरों में बनाए गए घर, गढ़, चौड़ी सड़कें और नालियां देखने को मिलती हैं। कुछ शहर अपने स्नानागार के लिए प्रसिद्ध थे तो कुछ अपनी कलाकृति के लिए। सिंधु घाटी की सभ्यता आम प्रयोग में होने वाली ज्यादातर चीजों की खेती किया करते थे। पूरा शहर एक खास तरीके से नियोजित था। आज ज्यादातर चीजें  अजायबघरों में देखने को मिलती है लेकिन शहर अभी भी वहीं पर बसा हुआ है। जो आज टूटे-फूटे खंडहर के रूप में देखा जा सकता है।

प्रश्न 12 मोहनजोदड़ो कहाँ बसा हुआ था ? इसे विशेष प्रकार से क्यों बसाया गया था ?

उत्तर – मोहन जोदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता के एक टीले पर बसा हुआ था। इस टीले को जमीनी सतह से ईटों की मदद से ऊंचा उठाकर बनाया गया था। इसे ऊंचा इसलिए बनाया गया होगा ताकि सिंधु नदी के जल की आपदा से बचा जा सके।

प्रश्न 13 ‘कॉलेज ऑफ प्रीस्टस’ किसे कहा गया है ? इसका निर्माण क्यों हुआ होगा ?

उत्तर – महा कुंड के उत्तर पर्व दिशा में एक इमारत के अवशेष मिले हैं जिसमें एक बहुत बड़ा हाॅल है। हाॅल के साथ अनेक छोटे छोटे कमरे हैं। माना जाता है कि धार्मिक अनुष्ठानों में ज्ञानशाला इसी के साथ बनी हुई थी। इसीलिए इसे ‘कॉलेज ऑफ प्रीस्टस’ कहते हैं।

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