CBSE Class 12 Hindi Abhivyakti aur Madhyam important questions

Abhivyakti aur Madhyam Class 12 Hindi CBSE important questions for 2020 exams. This post will give you important questions that have the chances of coming into your exam. PDF of These Questions are Found in the bottom of Article.

अभिव्यक्ति और माध्यम कक्षा 12 हिंदी महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 रेडियो और टेलीविजन समाचार की भाषा और शैली के लिए अनिवार्य विशेषताएं लिखिए।

उत्तर- रेडियो और टेलीविजन समाचार की भाषा और शैली के लिए अनेक विशेषताएं अनिवार्य होनी चाहिए जो इस प्रकार हैं—

  • भाषा अत्यंत सरल और सहज होनी चाहिए।
  • भाषा में प्रवाहमयता होनी चाहिए।
  • अस्पष्ट और भ्रामक शब्दों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • प्रचलित और सहज शब्दों का ही प्रयोग करना चाहिए एवं किंतु , परंतु , अथवा आदि शब्दों के प्रयोग की अपेक्षा और , या , आदि शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।
  • वाक्य सहज , स्पष्ट , छोटे और सीधे होने चाहिए।
  • एक वाक्य में एक ही बात स्पष्ट करनी चाहिए।
  • वाक्यों में कुछ टूटता या छूटता हुआ प्रभाव नहीं होना चाहिए।
  • मुहावरों का अधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए।



प्रश्न 2 विभिन्न जनसंचार माध्यमों में इंटरनेट की क्या भूमिका है?

उत्तर— इंटरनेट जनसंचार का महत्वपूर्ण माध्यम है। विभिन्न जनसंचार माध्यमों में इंटरनेट की महत्वपूर्ण भूमिका है जो इस प्रकार हैं—

  • इंटरनेट 24 घंटे सूचनाएं प्रदान करता है।
  • यह सूचना के साथ-साथ हमारा मनोरंजन भी करता है।
  • यह ज्ञान भी प्रदान करता है।
  • इंटरनेट पर एक ही क्षण में एक साथ अनेक खबरें पढ़ी जा सकती हैं।
  • इसके द्वारा कुछ ही क्षणों में घर बैठे – बैठे संपूर्ण संसार की जानकारी ली जा सकती हैं।
  • इसके द्वारा खबरों का सत्यापन , पुष्टिकरण कथा संकलन भी होता है।
  • इसके द्वारा एक सेकंड में 56 किलोबाइट अर्थात लगभग 70000 शब्द एक जगह से दूसरी जगह भेजे जा सकते हैं।
  • इसके द्वारा एक खबर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ईमेल की सहायता से भेजा जा सकता है।

प्रश्न 3 प्रिंट माध्यम में क्या-क्या खामियां होती हैं?

उत्तर— प्रिंट माध्यम एक अच्छा माध्यम है लेकिन इसमें बहुत सारी खामियां भी हैं जो इस प्रकार हैं–

  • केवल पढ़े लिखे लोगों के ही काम आता है।
  • लेखन कार्य करने वालों का शैक्षणिक ज्ञान आवश्यक है।
  • तुरंत घटित घटनाएं प्रस्तुत नहीं की जा सकती।
  • स्पेस का ध्यान रखना पड़ता है।
  • गलतियां सुधारनी पड़ती है।

प्रश्न 4 छः ककार से क्या तात्पर्य है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— समाचार लेखन में कब, कहां , कैसे , क्या , कौन , क्यों इन्हीं छः प्रश्नों को छः ककार कहते हैं। इन्हीं ककारों के आधार पर किसी घटना , समस्या तथा विचार आदि से संबंधित खबर लिखी जाती हैं। यह ककार ही समाचार लेखन का मूल आधार होते हैं। इसीलिए समाचार लेखन में इनका बहुत महत्व है।

छः ककारो को हम इस प्रकार स्पष्ट कर सकते हैं—

कब— यह समाचार लेखन का आधार होता है। इस ककार के माध्यम से किसी घटना तथा समस्या के समय का बोध होता है। जैसे–बस दुर्घटना कब हुई?

कहां— इस प्रकार को आधार बनाकर समाचार लिखा जाता है। इसके माध्यम से किसी घटना और समस्या के स्थान का चित्रण किया जाता है। जैसे–बस दुर्घटना कहां हुई?

कैसे– इस प्रकार के द्वारा समाचार का विश्लेषण , वितरण तथा व्याख्या की जाती है।

क्या– यह ककार भी समाचार लेखन का आधार माना जाता है। इसके द्वारा समाचार की रूपरेखा तैयार की जाती है।

क्यों– इस ककार के द्वारा समाचार के विवरणात्मक, व्याख्यात्मक तथा विश्लेषणात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला जाता है।

कौन– इस प्रकार को आधार बनाकर समाचार लिखा जाता है।

प्रश्न 5 विशेष लेखन किसे कहते हैं?समाचार पत्रों में विशेष लेखन की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— किसी सामान्य विषय से हटकर विशेष विषय पर लिखे गए लेखों को विशेष लेखन कहते हैं। कृषि व्यापार शिक्षा , स्वास्थ्य , खेल , मनोरंजन , प्रौद्योगिकी , कानून आदि विशेष लेखन के अंतर्गत माने जाते हैं। समाचार पत्रों और पत्रिकाओ में इन विषयों पर विशेष लेखन लिखे जाते हैं। समाचार पत्रों में विशेष लेखन के लिए एक अलग स्थान अथवा बॉक्स निश्चित होता है। विशेष लेखन विषय से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा लिखे जाते हैं।

प्रश्न 6 कविता के महत्वपूर्ण घटक कौन-कौन से हैं?

उत्तर— कविता की कुछ महत्वपूर्ण घटक होते हैं जिनके बिना कविता संभव नहीं होती। यह घटक निम्नलिखित है:–

  1. भाषा— भाषा कविता का महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि भाषा के माध्यम से ही कवि अपनी संवेदना और भावनाओं को अभिव्यक्ति प्रदान करता है।
  2. शैली— शैली भी कविता का प्रमुख घटक है। इसके द्वारा कवि अपनी संवेदना को कविता के रूप में अभिव्यक्त करता है।
  3. बिंब— बिंब का शाब्दिक अर्थ है– शब्दचित्र। इन शब्द चित्रों के माध्यम से ही कवि अपनी कल्पना को साकार रूप प्रदान करता है। बिंब के बिना कविता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह कविता का मूल आधार है।
  4. छंद— यह कविता का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि छंद ही कविता को कविता का रूप प्रदान करते हैं। इसके द्वारा ही कविता पद्य की श्रेणी में आते हैं।
  5. अलंकार— अलंकार भी कविता के प्रमुख घटक हैं। यह कविता को सौंदर्य प्रदान करते हैं। इनके द्वारा ही कवि अपनी कविता को सजाता है।

प्रश्न 7 नाटक में स्वीकार एवं अस्वीकार की अवधारणा से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— नाटक में स्वीकार के स्थान पर अस्वीकार का अधिक महत्व होता है। नाटक में स्वीकार तत्वों के आ जाने से नाटक सशक्त हो जाता है। कोई भी दो चरित्र जब आपस में मिलते हैं तो विचारों के आदान-प्रदान में टकराहट पैदा होना स्वाभाविक है। रंगमंच में कभी भी यथास्थिति को स्वीकार नहीं किया जाता। वर्तमान स्थिति के प्रति असंतुष्टि , छटपटाहट , प्रतिरोध और अस्वीकार जैसे नकारात्मक तत्वों के समावेश से ही नाटक सशक्त बनता है। यही कारण है कि हमारे नाटककारों को राम के अपेक्षा रावण और प्रह्लाद के अपेक्षा हिरण्यकश्यप का चरित्र अधिक आकर्षित करता है। इसके विपरीत जब जब किसी विचार , व्यवस्था या तत्कालिक समस्या को किसी नाटक में सहज स्वीकार किया जाता है , वह नाटक अधिक सशक्त और लोगों के आकर्षण का केंद्र नहीं बन पाया है।

प्रश्न 8 ड्राई एंकर क्या है?

उत्तर— ड्राई एंकर वह होता है जो समाचार के दृश्य नजर नहीं आने तक दर्शकों को रिपोर्टर से मिली जानकारी के आधार पर समाचार से संबंधित सूचनाएं देता है।

प्रश्न 9 उल्टा पिरामिड शैली क्या है?

उत्तर— इसमें सबसे पहले महत्वपूर्ण तथ्य तथा जानकारियां दी जाती हैं तथा बाद में कम महत्वपूर्ण बातें देकर समाप्त कर दिया जाता है। इसकी सूत उल्टा पिरामिड जैसी होने के कारण इसे उल्टा पिरामिड शैली कहते हैं।

प्रश्न 10 बीट रिपोर्टिंग क्या होती है?

उत्तर— जो संवादाता केवल अपने क्षेत्र विशेष से संबंधित रिपोर्टों को भेजता है , वह बीट रिपोर्टिंग कहलाती हैं।

प्रश्न 11 नाट्य रूपांतरण में किस प्रकार की मुख्य समस्या का सामना करना पड़ता है?

उत्तर— नाट्य रूपांतरण करते इसमें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जो इस प्रकार है_

  • सबसे प्रमुख समस्या कहानी के पात्रों के मनोभावों को कहानीकार द्वारा प्रस्तुत प्रसंगो अथवा मानसिक द्वंद्व के नाटकीय प्रस्तुति में आती हैं।
  • पात्रों के बंधुओं को अभिनय के अनुरूप बनाने में समस्या आती है।
  • सामानों को नाटकीय रूप प्रदान करने में समस्या आती है।
  • संगीत ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था करने में समस्या आती है।
  • कथानक को अभिनय के अनुरूप बनाने में समस्या होती है।

प्रश्न 12 कहानी और नाटक में क्या अंतर होता है। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— कहानी और नाटक दोनों गद्य विधाएं हैं। इनमें जहां कुछ समानताएं हैं वहां कुछ असमानताएं या अंतर भी हैं जो इस प्रकार हैं–

कहानी—

  • कहानियां ऐसी गद्य विधा है जिसमें जीवन के किसी अंक विशेष का मनोरंजन पूर्ण चित्रण किया जाता है।
  • कहानी का संबंध लेखक और पाठकों से होता है।
  • कहानी कहीं अथवा पढ़ी जाती है।
  • कहानी को आरंभ , मध्य और अंत के आधार पर बांटा जाता है।
  • कहानी में मंच सज्जा , संगीत तथा प्रकाश का महत्व नहीं है।

नाटक–

  • नाटक एक ऐसी गद्य विधा है जिसका मंच पर अभिनय किया जाता है।
  • नाटक का संबंध लेखक, निर्देशक,  दर्शक तथा श्रोताओं से है।
  • नाटक का मंच पर अभिनय किया जाता है।
  • नाटक को दृश्यों में विभाजित किया जाता है।
  • नाटक में मंच सज्जा , संगीत और प्रकाश व्यवस्था का विशेष महत्व होता है।

प्रश्न 13 रेडियो नाटक की कहानी में किन – किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

उत्तर— रेडियो नाटक में कहानी संवादो तथा ध्वनि प्रभावों पर ही आधारित होती है। इसमें कहानी का चयन करते समय अनेक बातों का ध्यान रखना आवश्यक है जो इस प्रकार हैं–

  1. कहानी एक घटना प्रधान न हो—रेडियो नाटक की कहानी केवल एक ही घटना पर आधारित नहीं होनी चाहिए क्योंकि ऐसी कहानी श्रोताओं को थोड़ी देर में ही उबाऊ बना देती है जिसे कुछ देर पश्चात सुनना पसंद नहीं करते इसीलिए रेडियो नाटक की कहानी में अनेक घटनाएं होनी चाहिए।
  2. समय सीमा–सामान्य रूप से रेडियो नाटक की अवधि 15 से 30 मिनट तक हो सकती हैं। रेडियो नाटक की अवधि इससे अधिक नहीं होनी चाहिए क्योंकि रेडियो नाटक को सुनने के लिए मनुष्य की एकाग्रता की अवधि 15 से 30 मिनट तक की होती है , इससे ज्यादा नहीं। रेडियोधर्मी एक ऐसा माध्यम है जिसे मनुष्य अपने घर में अपनी इच्छा अनुसार सुनता है। इसीलिए रेडियो नाटक की अवधि की समय सीमा होनी चाहिए।
  3. पात्रों की सीमित संख्या—रेडियो नाटक में पात्रों की संख्या सीमित होनी चाहिए। इसमें पात्रों की संख्या 5 या 6 से अधिक नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसमें श्रोता केवल ध्वनि के सहारे ही पत्रों को याद रख पाता है। यदि रेडियो नाटक में अधिक पात्र होंगे तो श्रोता उन्हें याद नहीं रख सकेंगे। इसीलिए रेडियो नाटक में पात्रों की संख्या सीमित होनी चाहिए।

प्रश्न 14 रेडियो नाटक की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— रेडियो नाटक में ध्वनि प्रभाव और संवादों का विशेष महत्व है जो इस प्रकार है–

  • रेडियो नाटक में पात्रों से संबंधित सभी जानकारियां संवादों के माध्यम से मिलती है।
  • पात्रों की चारित्रिक विशेषताएं संवादों के द्वारा ही उजागर होती है।
  • नाटक का पूरा कथानक संवादों पर ही आधारित होता है।
  • इसमें ध्वनि प्रभावों और संवादों के माध्यम से ही कथा को श्रोताओं तक पहुंचाया जाता है।
  • संवादों के माध्यम से ही रेडियो नाटक का उद्देश्य स्पष्ट होता है।
  • संवादों के द्वारा ही श्रोताओं को संदेश दिया जाता है।

प्रश्न 15 दृश्य श्रव्य माध्यमों की तुलना में श्रव्य माध्यम की क्या सीमाएं हैं? इन सीमाओं को किस तरह पूरा किया जा सकता है?

उत्तर— दृश्य श्रव्य माध्यमों की तुलना में श्रव्य माध्यम की अनेक सीमाएं हैं जो इस प्रकार है–

  • दृश्य श्रव्य माध्यम में हम नाटक को अपनी आंखों से देख भी सकते हैं और पात्रों के संवादों को सुन भी सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम केवल सुन सकते हैं उसे देख नहीं सकते।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में हम पत्रों के हाव भाव देखकर उनकी दशा का अनुमान लगा सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में मंच तथा पात्रों के वस्त्रों की शोभा और उसके सौंदर्य को देख सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में हम इनकी केवल कल्पना कर सकते हैं।
  • दृश्य श्रव्य माध्यमों में किसी भी दृश्य तथा वातावरण को देखकर उसका आनंद उठा सकते हैं किंतु श्रव्य माध्यम में प्रत्येक की स्थिति को केवल ध्वनियों के माध्यम से ही समझ सकते हैं।
  • दृश्य श्रव्य माध्यम की तुलना में श्रव्य माध्यम में वातावरण की सृष्टि पत्रों के संवादों से की जाती है। समय की सूचना तथा पात्रों के चरित्र का उद्घाटन भी संवादों के माध्यम से ही होता है।

श्रव्य माध्यम की सीमाओं को ध्वनि माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है।

प्रश्न 16 नए अथवा अप्रत्याशित विषयों पर लेखन में कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

उत्तर– नए अथवा अप्रत्याशित विषयों पर लेखन में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए–

  • जिस विषय पर लिखना है लेखक को उसकी संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
  • विषय पर लिखने से पहले लेखक को अपने मस्तिष्क में उसकी एक उचित रूपरेखा बना लेनी चाहिए।
  • विषय से जुड़े तथ्यों से उचित तालमेल होना चाहिए।
  • विचार विषय में सुसम्बद्ध तथा संगत होने चाहिए।
  • अप्रत्याशित विषयों के लेखन में ‘ मैं ‘शैली का प्रयोग करना चाहिए।
  • अप्रत्याशित विषयों पर लिखते समय लेख को विषय से हटकर अपनी विद्वत्ता को प्रकट नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 17 फीचर क्या है? यह कैसे लिखा जाता है। विस्तार से समझाइए।

उत्तर- एक ऐसा सुव्यवस्थित, सृजनात्मक तथा आत्मनिष्ठ लेखन किसके माध्यम से सूचनाओं के साथ-साथ मनोरंजन पर भी ध्यान दिया जाता है उसे फीचर कहते हैं।

फीचर कथात्मक शैली में लिखा जाता है। इसकी भाषा सरल, आकर्षक, रूपात्मक तथा मनमोहक होती है। इसमें लेखक अपने विचार, भावना तथा दृष्टिकोण को व्यक्त कर सकता है।फीचर में समाचारों की अपेक्षा कम शब्दों का प्रयोग किया जाता है। फीचर हमें कभी भी तात्कालिक घटनाओं से परिचित नहीं करवाता। फीचर का मुख्य लक्ष्य पाठकों को सूचना देना, शिक्षित करना तथा उनका मनोरंजन करना होता है।

Class 12 Hindi Abhivyakti Aur Madhyam Important Questions CBSE

All these questions are asked in Previous Three Years so take you eyes more on such Questions. But keep in mind that all these questions of abhivyakti aur madhayam are most important for one marks and 3 marks or 5 marks questions.

प्रश्न 1 समाचार माध्यमों में सबसे पुराना माध्यम कौन सा है?

उत्तर- प्रिंट माध्यम

प्रश्न 2 आमतौर पर रेडियो नाटक की अवधि कितनी होती है?

उत्तर- 15 से 30 मिनट

प्रश्न 3 रंगमंच किस साहित्य विधा में आवश्यक है?

उत्तर- नाटक में

प्रश्न 4 टेलीविजन में लाइव का क्या अर्थ है?

उत्तर- किसी समाचार का टेलीविजन पर घटनास्थल से सीधा प्रसारण ही लाइव है।

प्रश्न 5 समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय और उपयोगी शैली का नाम बताइए।

उत्तर- उल्टा पिरामिड शैली

प्रश्न 6 भारत में इंटरनेट का आरंभ कब हुआ था?

उत्तर— भारत में इंटरनेट का आरंभ सन 1993 में हुआ था और सन 2003 में इसका दूसरा दौर शुरू हुआ था अभी फिलहाल भारत में इसका चौथा दौर चल रहा है।

प्रश्न 7 भारत में पहला छापाखाना कहां और कब खुला था?

उत्तर— भारत में पहला छापाखाना गोवा में 1556 ई० में खुला था।

प्रश्न 8 ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना कब हुई?

उत्तर- सन 1936 ई० को

प्रश्न 9 कहानी का केंद्र बिंदु क्या है?

उत्तर- कहानी का केंद्र बिंदु कथानक होता है।

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2 thoughts on “CBSE Class 12 Hindi Abhivyakti aur Madhyam important questions”

  1. Is this for term 2?
    Or it includes both term 1 and 2?

    Reply

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