जूझ Class 12 Hindi Chapter 2 Important Question Answer – वितान भाग 2

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Jujh Class 12 Hindi Chapter 2 Important Question Answer

प्रश्न 1 श्री सौंदलगेकर के अध्यापन की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

उत्तर – श्री सौंदलगेकर मराठी के अध्यापक थे। वे कविताएं पढ़ाते थे और साथ ही कविताओं की रचना भी किया करते थे। उनके पास सुरीला गला और छंद की बढ़िया चाल थी। वे कविताएं गाने के साथ साथ अभिनय भी किया करते थे।

प्रश्न 2 ‘जूझ’ पाठ में बचपन में लेखक के मन में पढ़ने के प्रति क्या विचार थे ?

उत्तर –  जूझ पाठ में लेखक आनंद यादव बचपन से ही पढ़ने के शौकीन था। वह स्कूल जाना पसंद करते था। खेत में काम करने की बजाए आनंदा को मास्टर की छड़ी के मार भी ज्यादा अच्छी लगती थी। जब उसके पिता ने उसका स्कूल छुड़वा दिया तो उसने दत्ता जी राव को कहकर अपने पिता से स्कूल जाने की हामी भरवाई।

प्रश्न 3 ‘जूझ’ पाठ में खेत में काम करते समय लेखक का अकेलापन कैसे दूर हो गया था ?

उत्तर – लेखक अपने अकेलेपन में कविताओं को सूर, ताल, छंद और एक सही यदि गति के साथ गाया करता था। वह कविता गाते समय अभिनय भी किया करता था। इस प्रकाश लेखक का अकेलापन दूर हो गया।

प्रश्न 4 ‘जूझ’ कहानी के आधार पर सिद्ध कीजिए कि आनन्दा एक जुझारू बालक है ?

उत्तर – जब लेखक के पिताजी ने लेख का स्कूल छुड़वा दिया और खेत में काम करने के लिए बाध्य किया तब आनंदा दत्ता जी राव के पास जाकर अपने पिता की शिकायत करता है। इसके बाद उसने अपने पिता से स्कूल जाने की हामी भरवाई। स्कूल में उसके कोई दोस्त नहीं है। सभी उसका मजाक उड़ाते हैं इसके बावजूद भी उसने स्कूल जाना नहीं छोड़ा। इन सब बातों से हमें पता चलता है कि आनंदा एक जुझारू बालक हैं।

प्रश्न 5 ‘जूझ’ पाठ में कविता के प्रति लगाव के बाद अकेलेपन के बारे में लेखक की अवधारणा में क्या बदलाव हुआ ?

उत्तर – कविताओं के प्रति लगाव के बाद आनंदा अकेला रहना पसंद करने लगा। लेखक अपने अकेलेपन में कविताओं को सूर, ताल, छंद और एक सही यदि गति के साथ गाया करता था। वह कविता गाते समय अभिनय भी किया करता था। इस प्रकाश लेखक का अकेलापन दूर हो गया।

प्रश्न 6 मास्टर सौंदलगेकर की साहित्यिक चेतना को स्पष्ट कीजिए।
या
मास्टर सौंदलगेकर के काव्य-ज्ञान का विश्लेषण कीजिए।
या
मास्टर सौंदलगेकर के कविता प्रेम का विवेचन कीजिए।

उत्तर – मास्टर सौंदलगेकर कविताओं को गाते समय लय, सुर, ताल, यति, गति का पूरा ध्यान रखते थे। वे अपनी कविताएं कक्षा में सुनाया करते थे। वे कविताओं को सुनाते समय अभिनय भी किया करते थे। उनका गला सुरीला और उनके पास छंद की बढ़िया चाल थी।

प्रश्न 7 गुड़ के विषय में दादा के व्यापारिक ज्ञान पर प्रकाश डालिए।
या
आनन्दा के दादा का कोल्हू सारे गाँव में सबसे पहले क्यों चलता था ?

उत्तर चारों और कोल्हू चलने से बाजार में गुड़ की कीमत गिर जाती है। जिसके कारण गांव के कोल्हू में बनने वाले गुड़ की कीमत घट जाती है। दादा की समझ से गुड़ ज्यादा निकलने की अपेक्षा भाव ज्यादा मिलना चाहिए। इसलिए वे पूरे गांव में अपना कोल्हू सबसे पहले शुरू कर दिया करते थे।

प्रश्न 8 आनंदा के काव्य-प्रेम का वर्णन कीजिए।

उत्तर – आनंदा को कविताएं गाना और उन पर अभिनय करना बहुत पसंद था। वह मास्टर सौंदलगेकर की कविताओं को बहुत ही ध्यान से सुना करते था। वह बहुत ही ध्यान से मास्टर जी के हाव भाव, चाल, गति और रस का आनंद लेता था। फिर खेतों में जाकर उसी तरीके से गाया करता था।

प्रश्न 9 आनंदा के दादा की क्रूरता का विश्लेषण कीजिए।
या
दादा ने आनंदा के साथ कैसा व्यवहार किया ?

उत्तर – आनंदा के दादा उसे स्कूल नहीं भेजना चाहते थे। वे खुद कोई भी काम ना करके खेत का सारा काम आनंदा से करवाते थे। आनंदा के दादा पूरा दिन रखमाबाई के पास गुजार देता था और बेचारे आनंदा को मजबूरन खेत का काम करना पड़ता था।

प्रश्न 10 मंत्री नामक मास्टर के व्यक्तित्व का वर्णन कीजिए।

उत्तर – मंत्री आनंदा के पाठशाला में गणित का अध्यापक था। वह कभी भी छड़ी का प्रयोग नहीं करता बल्कि कमर में घुसा लगाता था।

प्रश्न 11 वसंत पाटील के व्यक्तित्व का विश्लेषण कीजिए।
या
वसंत पाटील के विद्यार्थी जीवन का विवेचन कीजिए।

उत्तर – वसंत पाटिल नाम का लड़का शरीर से दुबला पतला, किंतु बहुत होशियार था। मास्टर ने उसे कक्षा मॉनिटर बना दिया था और हमेशा पहली बेंच पर बैठा करता था। वह गणित में बहुत होशियार था। बहुत बार वह दूसरे विद्यार्थियों के सवालों को भी जांचा करता था।

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