विजयनगर साम्राज्य Class 7 इतिहास Chapter 9 Question Answer – हमारा भारत II HBSE Solution

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HBSE Class 7 इतिहास / History in hindi विजयनगर साम्राज्य / Vijaynagar Samrajya Question Answer for Haryana Board of chapter 9 in Hamara Bharat II Solution.

विजयनगर साम्राज्य Class 7 इतिहास Chapter 9 Question Answer


आओ जानें, कितना सीखा


सही उत्तर छांटे :


1. विजयनगर राज्य की स्थापना किसने की?
क) हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम
ख) कृष्णदेव राय
ग) हरिहर द्वितीय
घ) देवराय प्रथम

उत्तर – क) हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम


2. विजयनगर राज्य कितने प्रांतों में बंटा हुआ था?
क) 6
ख) 7
ग) 10
घ) 5

उत्तर – क) 6


3. ‘वेदमार्ग प्रतिष्ठापक’ की उपाधि किसने धारण की?
क) कृष्णदेवराय
ख) बुक्का प्रथम
ग) देवराय प्रथम
घ) हरिहर द्वितीय

उत्तर – ख) बुक्का प्रथम


4. ‘हरविलास’ ग्रंथ की रचना किसने की ?
क) कवि श्रीनाथ
ख) कृष्णदेवराय
ग) पेडूडन
घ) हरिहर प्रथम

उत्तर – क) कवि श्रीनाथ


5. कृष्णदेव राय ने अपनी माता नागम्बा की याद में किस शहर का निर्माण करवाया?
क) नागलपुरा
ख) कंपिली
ग) मदुरा
घ) बांकापुर

उत्तर – क) नागलपुरा


रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

  1. विजय नगर साम्राज्य को ________ नदी के दक्षिण तट पर बसाया गया था।

  2. ______ ने संगम बंधुओं को पुन: हिंदू धर्म में प्रवेश करवाया।

  3. विजयनगर के अवशेष आज भी _______ में विद्यमान है।

  4. तलीकोट का युद्ध _______ के मध्य लड़ा गया।

  5. हरिहर द्वितीय ने ________ की उपाधि धारण की।

उत्तर – 1. तुंगभद्रा, 2. विद्यातीर्थ, 3. हंपी, 4. रामराय व बहमनी शासकों, 5. महाराजाधिराज


निम्नलिखित कथनों में सही ( ✓ ) अथवा गलत (X) का निशान लगाओ :

  1. विजयनगर की राज भाषा संस्कृत थी । (X)

  2. कृष्णदेवराय ने विट्ठलस्वामी, हजारास्वामी व चिदंबरम मंदिर का निर्माण करवाया। ( ✓ )

  3. विजयनगर साम्राज्य में द्रविड़ शैली चरम सीमा पर थी। ( ✓ )

  4. देवराय द्वितीय ने तीन हजार धनुर्धरों को अपनी सेना में भर्ती किया। (X)

  5. कृष्णदेवराय के दरबार में तेलुगु कवियों में पेडूडन सर्वप्रमुख थे। ( ✓ )


मिलान करें :

  1. गंगादेवी
  2. कृष्णदेवराय
  3. कौटिल्य
  4. देवराय द्वितीय
  5. हंपी
  • तुलुव वंश
  • अब्दुर्रज्जाक
  • पंपा देवी
  • मदुरा विजयम्
  • अर्थशास्त्र

उत्तर

  1. गंगादेवी
  2. कृष्णदेवराय
  3. कौटिल्य
  4. देवराय द्वितीय
  5. हंपी
  • मदुरा विजयम्
  • तुलुव वंश
  • अर्थशास्त्र
  • अब्दुर्रज्जाक
  • पंपा देवी

लघु उत्तर वाले प्रश्न :


प्रश्न 1. कृष्णदेव राय द्वारा रचित प्रसिद्ध रचना आमुक्तमाल्यद किस भाषा में लिखी गई?

उत्तर – तेलुगु में


प्रश्न 2. देवराय प्रथम के शासनकाल में किस इटली यात्री ने विजयनगर की यात्रा की?

उत्तर – निकोलो द कोण्टी


प्रश्न 3. किस महान शासक को विजयनगर इतिहास में इम्माडि देवराय से भी जाना जाता है?

उत्तर – देवराय द्वितीय


प्रश्न 4. तुलुव वंश की स्थापना किसने की?

उत्तर – वीर नरसिंहा


प्रश्न 5. किस नदी को बहमनी और विजयनगर राज्य की सीमा माना जाता था?

उत्तर –  कृष्णा नदी को


आइए विचार करें :


प्रश्न 1.“कृष्णदेवराय विजयनगर साम्राज्य के महानतम शासक थे।” क्या आप इस कथन से सहमत हैं? तर्क सहित पुष्टि करें।

उत्तर – कृष्णदेवराय विजयनगर ने अपनी योग्यता से विजयनगर को उन्नति के शिखर तक पहुंचा दिया। इतिहासकार डॉ आर. सी. मजूमदार ने उसके बारे में लिखा है कि ” वह विजयनगर राज्य का सबसे महान शासक था तथा उसकी गिनती भारतीय इतिहास के प्रसिद्ध शासकों में की जाती है। वह बहादुर सिपाही, सफल सेनापति, कुशल प्रशासक तथा कला व साहित्य का संरक्षक था।” उसके शासन काल में पुर्तगाली यात्री बारबोसा व डोमिंगो पायस ने यात्रा की तथा इन यात्रियों ने उसके शासन व्यवस्था की अत्यधिक प्रशंसा की है।


प्रश्न 2. अध्याय में वर्णित स्थापत्य स्मारकों को सूचीबद्ध करें और उनमें से प्रत्येक की संक्षेप में व्याख्या करें।

उत्तर

कमलमहल – शाही क्षेत्र में एक सुंदर भवन ‘कमलमहल’ है। इसकी मेहराब पर बहुत सुंदर डिज़ाइन बनाए गए हैं। इस भवन को कमल महल का नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इन मेहराबों को दूर से देखने पर कमल जैसी आकृति बनती हैं।

मंदिर – विजय नगर में एक क्षेत्र मंदिरों वाला है जो बहुत प्रसिद्ध है। यहां अनेक मंदिरों का निर्माण हुआ। विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठलस्वामी मंदिर तथा हजारास्वामी मंदिर कला के उत्कृष्ट नमूने हैं। चिदम्बरम में ताड़पत्री तथा पार्वती मंदिर भी सुंदर हैं। कांचीपुरम के वृद्धराज तथा एकम्बरनाथ मंदिर, कल्याण मण्डप भी उल्लेखनीय हैं। इन मंदिरों के गोपुरम सबसे अधिक प्रभावशाली थे।

महानवमी डिब्बा :यह लगभग 11000 वर्ग फीट के आधार पर 40 फीट की ऊंचाई तक बनी पत्थरों की मंचनुमा आकृति है। इसके उपयोग को लेकर विद्वानों में आज भी मतभेद है, फिर भी अधिकतर विद्वानों का मानना है कि विशेष अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के समय पर यहां सम्राट व जनता इकट्ठा होती थीं।


प्रश्न 3. विजयनगर की प्रशासनिक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं क्या थीं?

उत्तर

  • साम्राज्य की समस्त कार्यकारी, न्यायकारी व विधायी शक्तियां शासक में निहित होती थी। सभी शासक जनहित के कार्य करना अपना कर्तव्य समझते थे।
  • राजा के बड़े पुत्र को उसका उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाता था । पुत्र न होने की दशा में राजपरिवार के किसी भी योग्य व्यक्ति को शासक अपना युवराज चुन लेता था।
  • राजा की सहायता के लिए एक मंत्री परिषद् होती थी जिसमें प्रधानमंत्री, अन्य मंत्री, विभागों के प्रधान आदि राज्य के बड़े प्रमुख एवं योग्य व्यक्ति नियुक्त होते थे। वे प्रमुख विषयों पर राजा को परामर्श देते थे।
  • राज्य की आय का मुख्य साधन भू-राजस्व था जो उपज का तिहाई या छठा भाग होता था। किसानों से चावल की उपज का एक-तिहाई भाग, रागी, चना आदि का एक-चौथाई भाग व बाजरे एवं अन्य शुष्क भूमि से उपज का छठा भाग कर के रूप में लिया जाता था।
  • विजयनगर के राजा निष्पक्ष न्याय में विश्वास रखते थे। साम्राज्य के विभिन्न भागों में नियमित न्यायालय थे। ग्रामों में जाति पंचायतें व श्रेणी-संगठन भी न्याय का कार्य करते थे। इन सबके ऊपर राजा का न्यायालय था, जिसे सभा कहा जाता था।
  • विजयनगर साम्राज्य की सेना सुसंगठित व स्थायी थी। सेना का प्रमुख राजा होता था। पैदल, घुड़सवार, हाथी व तोपखाना सेना के प्रमुख अंग थे। विदेशों से उत्तम नस्ल के घोड़े आयात किए जाते थे।

प्रश्न 4. विदेशी यात्रियों के विवरण के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य का वर्णन करें?

उत्तर – विजयनगर एक समृद्धशाली राज्य था। विभिन्न विदेशी यात्रियों ने उसकी धन-संपत्ति की प्रशंसा की थी। इटली निवासी यात्री निकोलो द कोण्टी, पुर्तगाल निवासी यात्री डोमिंगो पायस और ईरानी यात्री अब्दुर्रज्जाक ने उसकी समृद्धि की अत्यधिक प्रशंसा की । कोंटी ने लिखा है कि “यहां का राजा भारत के दूसरे सभी राजाओं से अधिक शक्तिशाली है। ” अब्दुर्रज्जाक ने लिखा था “ विजयनगर के समान न तो कोई शहर देखा है और न ही उसके समान विश्व में किसी नगर के बारे में सुना है । ” पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस ने लिखा “यह विश्व का सबसे सुंदर शहर है जहां पर गेहूं, चावल, जौ, दालों और अन्य सभी वस्तुओं की भरमार है।” वह पुनः लिखता है – “यहां के राजा के पास असीमित संपत्ति, सैनिक और हाथी हैं क्योंकि यहां ये प्रचुर मात्र में उपलब्ध हैं। इस शहर में तुम्हें सभी देशों के निवासी मिलेंगे क्योंकि यहां के निवासी सभी देशों से कीमती पत्थरों, मुख्यतः हीरों का व्यापार करते हैं। ” बारबोसा ने नगर की प्रशंसा करते हुए लिखा था ” नगर बहुत विस्तृत और सघन बसा हुआ तथा भारत के हीरों, पेगू के लाल, चीन और अलेक्जेंड्रिया की रेशम, सिंदूर, कपूर, कस्तूरी तथा मालाबार की काली मिर्च और चंदन के व्यापार का मुख्य केंद्र स्थान है। ”


प्रश्न 5. विजयनगर साम्राज्य के पतन के कारणों का विश्लेषण करें।

उत्तर – कृष्णदेवराय की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार के लिए संघर्ष हुआ। उसके बाद अच्युतराय तथा सदाशिव राय गद्दी पर आसीन हुए। इस काल में राज्य की वास्तविक शक्ति कृष्णदेवराय के दामाद रामराय के हाथ में रही। रामराय एक योग्य शासन प्रबंधक था परंतु सफल कूटनीतिज्ञ नहीं था। उसने बहमनी राज्य के खंडों (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर) को एक-दूसरे के विरुद्ध सहायता देने की नीति अपनाई परंतु अंत में इन राज्यों ने विजयनगर के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाकर 23 जनवरी 1565 को तलीकोट के युद्ध में उसे पराजित कर दिया। तलीकोट का युद्ध विजयनगर साम्राज्य के लिए पतन का कारण बना।


आओ करके देखें


प्रश्न 1. आप एक विदेशी व्यापारी के रूप में विजयनगर के बाजारों में भ्रमण कर रहे हैं। आप किस प्रकार इस भ्रमण का विवरण देंगे?

उत्तर – अगर मैं एक विदेशी व्यापारी के रूप में विजय नगर के बाजारों में भ्रमण कर रहा होता तो मेरा विवरण कुछ इस प्रकार का होता ” आपको विजयनगर के बाजार में हर प्रकार की वस्तु देखने को मिल सकते हैं। यह बाजार बाकी बाजारों की तुलना में काफी बड़ा और विशेष प्रकार का है। यहां आपको साफ सफाई देखने को मिल जाएगी। बाजार में बहुत भीड़ होती है क्योंकि यहां लगभग सभी देशी और विदेशी सामान देखने को मिलता है।


कल्पना करें


प्रश्न 1. समुद्री व्यापारी किस प्रकार समुद्रों को पार करते थे? वे कौन-कौन से तकनीकी यंत्रों का प्रयोग करते थे?

उत्तर – समुद्री व्यापारी समुद्री जहाजों से समुद्र को पार करते थे। इस सफर के दौरान समुद्री यात्रियों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्हें रास्ता निर्धारित करने के लिए और सही आपको का पता लगाने के लिए तारों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके साथ ही उन्हें एक समुंद्री नक्शे की भी जरूरत पड़ती थी।


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