भारतजनताऽहम् Class 8 संस्कृत Chapter 7 Translation in Hindi ( व्याख्या ) – रुचिरा NCERT Solution

NCERT Solution of Class 8 Sanskrit रुचिरा भारतजनताऽहम् व्याख्या  for Various Board Students such as CBSE, HBSE, Mp Board,  Up Board, RBSE and Some other state Boards. Class 8 Sanskrit all Chapters NCERT Solution with शब्दार्थ, व्याख्या, Translation in Hindi and English, अभ्यास के प्रश्न उत्तर and important Question answer ncert solution.

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NCERT Solution of Class 8th Sanskrit Ruchira /  रुचिरा  Chapter 7 भारतजनताऽहम् / Bharatjantaham Vyakhya / व्याख्या /  meaning in hindi / translation in hindi Solution.

भारतजनताऽहम् Class 8 Sanskrit Chapter 7 व्याख्या


अभिमानधना विनयोपेता, शालीना भारतजनताऽहम्।

कुलिशादपि कठिना कुसुमादपि, सुकुमारा भारतजनताऽहम्।1।

अन्वय – अहम् भारतजनता अभिमानधना, विनयोपेता शालीना (च अस्मि)। अहम् भारतजनता कुलिशादपि कठिना, कुसुमादपि सुकुमारा (अस्मि) ।

शब्दार्थ :- अभिमानधना – स्वाभिमानी। विनयोपेता – विनम्रता से युक्त। शालीना – शालीन। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता। कुलिशादपि – वज्र से भी। कठिना – कठोर। कुसुमादपि – फूल से भी। सुकुमारा – कोमल।

Translation in Hindi :- मैं स्वाभिमानी, विनम्रता से युक्त और शालीन भारत की जनता हूं। मैं वज्र से भी कठोर और फूल से भी कोमल भारत की जनता हूं।

Translation in English — I am a proud, humble and decent people of India. I am the people of India, harder than a thunderbolt and softer than a flower.


निवसामि समस्ते संसारे, मन्ये च कुटुम्बं वसुन्धराम्।

प्रेयः श्रेयः च चिनोम्युभयं, सुविवेका भारतजनताऽहम्।2।

अन्वय – अहम् भारतजनता समस्ते संसारे निवसामि, (अहं) वसुन्धरां च कुटुम्बं मन्ये । सुविवेका (भारतजनताऽहम्) प्रेयः श्रेयः च उभयं चिनोमि।

शब्दार्थ :- निवसामि – रहती हूं। समस्ते – संपूर्ण। संसारे – संसार में। मन्ये – मानती हूं। च – और। कुटुम्बं – परिवार। वसुन्धराम् – पृथ्वी को। प्रेयः – प्रिया। श्रेयः – कल्याणकारी। चिनोम्युभयं – दोनों को चुनती हूं। सुविवेका – अच्छे विवेक वाली। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मैं ( भारत की जनता ) संपूर्ण संसार में रहती हूं और पृथ्वी को अपना परिवार मानती हूं। मैं अच्छे विवेक वाली भारत की जनता प्रिय और कल्याणकारी दोनों को चुनती हूं।

Translation in English — I (people of India) live all over the world and consider the earth as my family. I, the people of India with good conscience, choose both dear and benevolent.


विज्ञानधनाऽहं ज्ञानधना, साहित्यकला-सङ्गीतपरा।

अध्यात्मसुधातटिनी-स्नानैः, परिपूता भारतजनताऽऽहम् ।3।

अन्वय – अहं भारतजनता ज्ञानधना, विज्ञानधना (अस्मि), साहित्य-कला, सङ्गीतपरा (अस्मि) । अहम् अध्यात्मसुधातटिनी – स्नानैः परिपूता (अस्मि) ।

शब्दार्थ :- विज्ञानधनाऽहं – मैं विज्ञान रूपी धन वाली। ज्ञानधना – ज्ञान रूपी धन वाली / अत्याधिक ज्ञानी। साहित्यकला-सङ्गीतपरा – साहित्य, कला और संगीत से परिपूर्ण। अध्यात्मसुधातटिनी – अध्यात्म रूपी अमृत की नदी में। स्नानैः – स्नान करके। परिपूता – पवित्र हुई। भारतजनताऽऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मैं ( भारत की जनता ) ज्ञानी और विज्ञान रूपी धन वाली हूं। मैं साहित्य कला और संगीत से परिपूर्ण हूँ। मैं भारत की जनता अध्यात्म रूपी अमृत की नदी में स्नान करके पवित्र हुई हूँ।

Translation in English — I (the people of India) am knowledgeable and rich in science. I am full of literature, art and music. I the people of India have become pure by bathing in the river of nectar in the form of spirituality.


मम गीतैर्मुग्धं समं जगत्, मम नृत्यैर्मुग्धं समं जगत्।

मम काव्यैर्मुग्धं समं जगत्, रसभरिता भारतजनताऽहम्।4।

अन्वय – मम गीतैः समं जगत् मुग्धम् (अस्ति), मम नृत्यैः समं जगत् मुग्धम् (अस्ति), मम काव्यैः समं जगत् मुग्धम् (अस्ति), अहं रसभरिता भारत जनता (अस्मि)।

शब्दार्थ :- मम – मेरे। गीतैर्मुग्धं – गीतों द्वारा मुग्ध। समं – संपूर्ण। जगत् – संसार। नृत्यैर्मुग्धं – नृत्य से मुग्ध। काव्यैर्मुग्धं – काव्य से मुग्ध। रसभरिता – आनंद रस से परिपूर्ण। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मेरे गीतों द्वारा संपूर्ण संसार मुक्त है, मेरे नृत्य द्वारा संपूर्ण संसार मुक्त है, मेरे काव्य द्वारा संपूर्ण संसार मुग्ध है, मैं आनंद रस से परिपूर्ण भारत की जनता हूँ।

Translation in English — The whole world is liberated through my songs, the whole world is liberated by my dance, the whole world is enchanted by my poetry, I am the people of India full of joy.


उत्सवप्रियाऽहं श्रमप्रिया, पदयात्रा- देशाटन-प्रिया ।

लोकक्रीडासक्ता वर्धेऽतिथिदेवा, भारतजनताऽहम्।5।

अन्वय – अहम् भारतजनता उत्सवप्रिया, श्रमप्रिया, पदयात्रा – देशाटन-प्रिया, लोकक्रीडासक्ता (अस्मि), अहम् अतिथिदेवा वर्धे ।

शब्दार्थ :- उत्सवप्रियाऽहं – मैं त्योहारों को पसंद करने वाली। श्रमप्रिया – मेहनत को पसंद करने वाली। पदयात्रा – पैदल यात्रा द्वारा। देशाटन – देश का भ्रमण करना। प्रिया – पसंद करने वाली। लोकक्रीडासक्ता – परंपरागत खेलों को पसंद करने वाली। वर्धेऽतिथिदेवा – मेहमानों को देवताओं से बढ़कर मानने वाली। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मैं त्योहारों को पसंद करने वाली, मेहनत को पसंद करने वाली, पैदल यात्रा द्वारा देश का भ्रमण करने वाली, परंपरागत खेलों को पसंद करने वाली, मेहमानों को देवताओं से बढ़कर मानने वाली भारत की जनता हूँ।

Translation in English — I am the people of India who love festivals, love hard work, travel the country on foot, love traditional sports, consider guests more than gods.


मैत्री मे सहजा प्रकृतिरस्ति, नो दुर्बलतायाः पर्यायः।

मित्रस्य चक्षुषा संसारं पश्यन्ती भारतजनताऽहम् ।6।

अन्वय – मैत्री मे सहजा प्रकृतिरस्ति, दुर्बलतायाः पर्यायः नो, मित्रस्य चक्षुषा संसारं पश्यन्ती अहं भारतजनता (अस्मि)।

शब्दार्थ :- मैत्री – मित्रता। मे – मेरा। सहजा – सहज। प्रकृतिरस्ति – स्वभाव है। नो – नहीं। दुर्बलतायाः – कमजोरी का। पर्यायः – प्रतीक। मित्रस्य – मित्र की। चक्षुषा – नजर से। संसारं – संसार को। पश्यन्ती – देखती हुई। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मित्रता मेरा सहज स्वभाव है, यह कमजोरी का प्रतीक नहीं है, मैं मित्र की नजर से संसार को देखने वाली भारत की जनता हूँ।

Translation in English — Friendship is my innate nature, it is not a sign of weakness, I am the people of India who see the world through the eyes of a friend.


विश्वस्मिन् जगति गताहमस्मि, विश्वस्मिन् जगति सदा दृश्ये।

विश्वस्मिन् जगति करोमि कर्म, कर्मण्या भारतजनताऽहम् ।7।

अन्वय – अहं विश्वस्मिन् जगति गता अस्मि, (अहं) विश्वस्मिन् जगति = सदा दृश्ये, अहं कर्मण्या भारतजनता विश्वस्मिन् जगति कर्म करोमि।

शब्दार्थ :- विश्वस्मिन् – संपूर्ण। जगति – संसार में। गताहमस्मि – गई हुई हूँ। सदा – हमेशा। दृश्ये – दिखाई देती हूँ। करोमि – करती हूँ। कर्म – कार्य। कर्मण्या – कर्मशील। भारतजनताऽहम् – मैं भारत की जनता।

Translation in Hindi :- मैं संपूर्ण संसार में गई हुई हूँ, मैं संपूर्ण संसार में हमेशा दिखाई देती हूँ, मैं कर्मशील भारत की जनता संपूर्ण विश्व में कार्य करती हूँ।

Translation in English — I have gone all over the world, I am always visible in the whole world, I working people of India work all over the world.

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