कण्टकेनैव कण्टकम् Class 8 संस्कृत Chapter 5 शब्दार्थ – रुचिरा NCERT Solution

NCERT Solution of Class 8 Sanskrit रुचिरा कण्टकेनैव कण्टकम् शब्दार्थ  for Various Board Students such as CBSE, HBSE, Mp Board,  Up Board, RBSE and Some other state Boards. Class 8 Sanskrit all Chapters NCERT Solution with शब्दार्थ, व्याख्या, Translation in Hindi and English, अभ्यास के प्रश्न उत्तर and important Question answer ncert solution.

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NCERT Solution of Class 8th Sanskrit Ruchira /  रुचिरा  Chapter 5 कण्टकेनैव कण्टकम् / kantakenav kantakam Word meaning / शब्दार्थ Solution.

कण्टकेनैव कण्टकम् Class 8 Sanskrit Chapter 5 शब्दार्थ

  1. आसीत् – था।
  2. कश्चित् – कोई।
  3. चञ्चलो – चंचल।
  4. व्याधः – शिकारी।
  5. पक्षिमृगादीनां – पशु-पक्षी आदि के।
  6. ग्रहणेन – ग्रहण करने से / पकड़ कर।
  7. सः – वह।
  8. स्वीयां – अपनी।
  9. जीविकां – जीविका का।
  10. निर्वाहयति स्म – निर्वाह करता था।
  11. एकदा – एक बार।
  12. वने – वन में।
  13. जालं – जाल।
  14. विस्तीर्य – बिछाकर।
  15. गृहम् – घर।
  16. आगतवान् – आ गया।
  17. अन्यस्मिन् दिवसे – दूसरे दिन।
  18. प्रात:काले – सुबह के समय।
  19. यदा – जब।
  20. चञ्चलः – चंचल।
  21. वनं – वन में।
  22. गतवान् – गया।
  23. तदा – तब।
  24. दृष्टवान् – देखा।
  25. यत् – कि।
  26. तेन – उसके द्वारा।
  27. विस्तारिते – बिछाए गए।
  28. जाले – जाल में।
  29. दौर्भाग्याद् – दुर्भाग्य से।
  30. एकः – एक।
  31. व्याघ्रः – शेर।
  32. बद्धः – बंधा हुआ।
  33. आसीत् – था।
  34. सोऽचिन्तयत् – उसने सोचा।
  35. मां – मुझे।
  36. खादिष्यति – खाएगा।
  37. अतएव – इसलिए।
  38. पलायनं पलायन /भाग जाना।
  39. करणीयम् – करना चाहिए।
  40. न्यवेदयत् – निवेदन किया।
  41. भो मानव – हे मनुष्य।
  42. कल्याणं – कल्याण।
  43. भवतु – हो।
  44. ते – तुम्हारा।
  45. त्वं – तुम।
  46. मां – मुझे।
  47. मोचयिष्यसि – मुक्त करोगे।
  48. तर्हि – तो।
  49. अहं – मैं।
  50. त्वां – तुम्हें।
  51. न – नहीं।
  52. हनिष्यामि – मारूंगा।
  53. तदा – तब।
  54. जालात् – जाल से।
  55. बहिः – बाहर।
  56. निरसारयत् – निकाल दिया।
  57. व्याघ्रः – शेर।
  58. क्लान्तः – थका हुआ।
  59. आसीत् – था।
  60. सोऽवदत् – वह बोला।
  61. भो मानव – हे मनुष्य।
  62. पिपासुः – प्यासा हूं।
  63. अहम् – मैं।
  64. नद्याः – नदी का।
  65. जलमानीय – पानी लाकर।
  66. मम – मेरी।
  67. पिपासां – प्यास को।
  68. शमय – शांत करो।
  69. जलं – जल को।
  70. पीत्वा – पिकर।
  71. पुनः – फिर से।
  72. व्याधमवदत् – शिकारी को बोला।
  73. शान्ता – शांत हो गई है।
  74. मे – मेरी।
  75. पिपासा – प्यास।
  76. साम्प्रतं – अब मैं।
  77. बुभुक्षितोऽस्मि – भूखा हूं।
  78. इदानीम् – इस समय।
  79. अहं – मैं।
  80. त्वां – तुम्हें।
  81. खादिष्यामि – खाऊंगा।
  82. चञ्चलः – चंचल।
  83. उक्तवान् – बोला।
  84. त्वत्कृते – तुम्हारे लिए।
  85. धर्मम् – धर्म का।
  86. आचरितवान् – आचरण किया।
  87. त्वया – तुम्हारे द्वारा।
  88. मिथ्या – झूठ।
  89. भणितम् – कहा।
  90. खादितुम् – खाना।
  91. इच्छसि – चाहते हो।
  92. व्याघ्रः – शेर।
  93. अवदत् – बोला।
  94. क्षुधार्ताय – भूखे व्यक्ति के लिए।
  95. किमपि – कुछ भी।
  96. अकार्यम् – नहीं करने योग्य कार्य।
  97. भवति – होता।
  98. सर्वः – सभी।
  99. स्वार्थ – अपना भला।
  100. समीहते – चाहते हैं।
  101. चञ्चल: – चंचल।
  102. नदीजलम् – नदी के जल से।
  103. अपृच्छत् – पूछा।
  104. वदत् – बोला।
  105. एवमेव – ऐसा ही।
  106. भवति – होता है।
  107. जनाः – लोग।
  108. मयि – मुझ में।
  109. स्नानं – स्नान।
  110. कुर्वन्ति – करते हैं।
  111. वस्त्राणि – कपड़ों को।
  112. प्रक्षालयन्ति – धोते हैं।
  113. तथा च – और।
  114. मल-मूत्रादिकं – मल-मूत्र आदि को।
  115. विसृज्य – त्याग कर।
  116. निवर्तन्ते- लौट जाते हैं।
  117. वस्तुतः – वास्तव में।
  118. सर्वः – सभी।
  119. स्वार्थं – अपना भला।
  120. समीहते – चाहते हैं।
  121. चञ्चलः – चंचल ने।
  122. वृक्षम् – पेङ के।
  123. उपगम्य – पास जाकर।
  124. अपृच्छत् – पूछा।
  125. वृक्षः – पेङ।
  126. अवदत् – बोला।
  127. मानवाः – मनुष्य।
  128. अस्माकं – हमारी।
  129. छायायां – छाया में।
  130. विरमन्ति – विश्राम करते हैं।
  131. अस्माकं – हमारे।
  132. फलानि – फल।
  133. खादन्ति – खाते हैं।
  134. पुनः – उसके बाद।
  135. कुठारैः – कुल्हाड़ी से।
  136. प्रहृत्य – प्रहार करके।
  137. अस्मभ्यं – हमें।
  138. सर्वदा – हमेशा।
  139. कष्टं – कष्ट।
  140. ददति – देते हैं।
  141. यत्र – और।
  142. कुत्रापि – जहां-तहां।
  143. छेदनं – कटाई।
  144. कुर्वन्ति – करते हैं।
  145. सर्वः – सभी।
  146. स्वार्थं – अपना भला।
  147. समीहते – चाहते हैं।
  148. समीपे – पास ही।
  149. एका – एक।
  150. लोमशिका – लोमड़ी।
  151. बदरी-गुल्मानां – बेर की झाड़ियां।
  152. पृष्ठे – पीछे।
  153. निलीना – छुपी हुई।
  154. एतां – इस।
  155. वार्तां – बात को।
  156. शृणोति स्म – सुन रही थी ।
  157. सा – वह।
  158. सहसा – अचानक।
  159. चञ्चलमुपसृत्य – चंचल के पास जाकर।
  160. कथयति- बोली।
  161. का – क्या।
  162. वार्ता – बात है।
  163. माम् – मुझे।
  164. अपि – भी।
  165. विज्ञापय – बताइए।
  166. अहह – हे।
  167. मातृस्वसः – मौसी।
  168. अवसरे – सही समय पर।
  169. त्वं – तुम।
  170. समागतवती – आई हो।
  171. मया – मेरे द्वारा।
  172. अस्य – इस।
  173. व्याघ्रस्य – शेर को।
  174. प्राणाः – प्राणों की।
  175. रक्षिताः – रक्षा की है।
  176. परम् – परंतु।
  177. एषः – यह।
  178. मामेव – मुझे।
  179. खादितुम् – खाना।
  180. इच्छति – चाहता है।
  181. तदनन्तरं – इसके बाद।
  182. सः – वह।
  183. लोमशिकायै – लोमड़ी को।
  184. निखिलां – पूरी।
  185. कथां – कहानी।
  186. न्यवेदयत् – सुनाई।
  187. लोमशिका – लोमड़ी ने।
  188. चञ्चलम् – चंचल से।
  189. अकथयत् – कहा।
  190. बाढम् – ठीक है।
  191. त्वं – तुम।
  192. जालं – जाल।
  193. प्रसारय – फैलाओ।
  194. पुनः – फिर।
  195. सा – वह।
  196. व्याघ्रम् – शेर से।
  197. अवदत् – बोली।
  198. केन – किस।
  199. प्रकारेण – प्रकार।
  200. त्वम् – तुम।
  201. एतस्मिन् – इस।
  202. जाले – जाल में।
  203. बद्धः – बंधे।
  204. इति – यह।
  205. अहं – मैं।
  206. प्रत्यक्षं – प्रत्यक्ष।
  207. द्रष्टुमिच्छामि – देखना चाहती हूं।
  208. तद् – वह।
  209. वृत्तान्तं – घटना।
  210. प्रदर्शयितुं – दिखाने के लिए।
  211. तस्मिन् – उस।
  212. जाले – जाल में।
  213. प्राविशत् – प्रवेश किया।
  214. अकथयत् – बोली।
  215. सम्प्रति – अब।
  216. पुनः पुनः – बार-बार।
  217. कूर्दनं – उछल कूद।
  218. कृत्वा – करके।
  219. दर्शय – दिखाओ।
  220. सः – वह।
  221. तथैव – वैसा ही।
  222. समाचरत् – किया।
  223. अनारतं – लगातार।
  224. कूर्दनेन – उछल कूद करने से।
  225. श्रान्तः – थक गया।
  226. जाले – जाल में।
  227. बद्धः – बंधा हुआ।
  228. क्लान्तः सन् – थका हुआ।
  229. निःसहायो – बेसहारा।
  230. भूत्वा – होकर।
  231. तत्र – वहां।
  232. अपतत् – गिर गया।
  233. प्राणभिक्षामिव – प्राणों की भीख।
  234. अयाचत – याचना की।
  235. सत्यं – सत्य।
  236. त्वया – तुम्हारे द्वारा।
  237. भणितम् – कहां गया।
  238. सर्व: – सभी।
  239. स्वार्थ – अपना भला।
  240. समीहते – चाहते हैं।

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